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बैंकिग परिक्षा गायडन्स

  • बैंकिंग में सुरक्षित भविष्य :
    बैंक के क्षेत्र में कैरियर हमेशा से सुरक्षित और प्रतिष्ठित माना गया है. वर्तमान में इस क्षेत्र में बढ़ रही वैकेंसीज की संख्या ने इसे और भी अच्छे अवसर प्रदान करने वाला बना दिया है. बैंकिंग वर्तमान में देश के कुछ चुने चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में से एक है. क्र्लक से लेकर पीओ तक ये कई स्तर पर कई पद ऑफर करते हैं. उम्मीदवार अपनी योग्यता और रुझान के अनुसार चुनाव कर सकता है. अभी तक जहां सिर्फ राष्ट्रीयकृत बैंकों में ही अवसर मौजूद थे वहीं, अब प्राइवेट बैंकों की संख्या इतनी बढ़ गयी है कि इनमें भी अवसर की भरमार है. बहुत बड़ी संख्या में रिक्तियां निकलती रहती हैं और ऐसा अनुमान है कि आगे भी निकलेंगी. इन चीजों को देखते हुये इस सेक्टर में वर्तमान के साथ ही आने वाले समय में भी पेशेवरों की बहुत मांग है और होगी.
  • कैसे होती है भरती :

बैंकिग क्षेत्र में भर्ती के लिए आरबीआई, एसबीआई, आईबीपीएस और अन्य सेवा सहकारी (को-ऑपरेटिव) बैंकों में विविध पदों के लिए भर्ती की जाती है.  वर्ष 2011 से पूर्व देश की 26 राष्ट्रीयकृत बैंक स्वतंत्र परीक्षा आयोजित करती थीं. लेकिन 2011 से भर्ती प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण बदलाव कर दिया गया. एसबीआई स्वयं और उसकी सहयोगी बैंकों के लिए परीक्षा का आयोजन करती थी और वर्तमान में भी करती है.  लेकिन वर्ष 2011 से आईबीपीएस (Institute of Banking Personnel Selection) के माध्यम से शेष 20 बैंकों के लिए भर्ती परीक्षा आयोजित की जाती है. वर्ष 2013-2014 से महिला बैंक व आईडीबीआई बैंकों के लिए भी आईबीपीएस भर्ती परीक्षा आयोजित कर रही है. आईबीपीएस की स्थापना 1975 में हुई थी. तब इस संस्था का नाम ‘पर्सनल सिलेक्शन कमीशन’ था. वर्ष 1984 में इसका नाम ‘इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिग पर्सनल सिलेक्शन’ कर दिया गया. इस संस्था का मूल उद्देश्य  राष्ट्रीयकृत बैंकों में गुणात्मक भर्ती और प्लेसमेंट करना है. वर्ष 2013 में आईबीपीएस ने लगभग ‘पीओ’ (प्रोबेशनरी ऑफिसर) पद के लिए 10 -15 हजार उम्मीदवारों की भर्ती की थी. इसके अलावा ‘क्लर्क’ पद के लिए 30 से 40 हजार अभ्यर्थियों की भर्ती की थी. स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने वर्ष 2014 में 1837 प्रोबेशनरी ऑफिसर और क्लर्क के 5,092 पदों के लिए परीक्षा का आयोजन किया था.एसबीआई ने अपनी सहयोगी बैंकों जैसे स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर एंड जयपुर, स्टेट बैंक ऑफ हैदराबाद, स्टेट बैंक ऑफ मैसूर, स्टेट बैंक आफ पटियाला, स्टेट बैंक ऑफ त्रावणकोर के लिए ‘पीओ’ के 2,983 पदों के लिए परीक्षा आयोजित की थी.  इसके अलावा स्पेशलिस्ट ऑफिसर पदों के लिए भी दोनों संस्थाओं ने सैकड़ों पदों के लिए उम्मीदवारों की परीक्षा ली थी. आगामी 5 वर्षों में लगभग 3 से 4 लाख पदों पर भर्ती किए जाने की संभावना है. यूपीएससी, एमपीएससी में करियर  बनाने के साथ-साथ बैंकिग क्षेत्र में भी अब सुनहरे अवसर उपलब्ध होंगे.

  • 2015 से बैंकिंग भर्ती में बड़ा बदलाव :

आबीपीएस ने वर्ष 2015 से बैंकिंग भर्ती प्रक्रिया में बड़ा बदलाव कर दिया है. इससे पहले बैंकिंग इतिहास में ऐसा बदलाव नहीं किया गया था. यूपीएससी और एमपीएससी की तर्ज पर आईबीपीएस ने क्लर्क व पीओ के लिए अक्टूबर और दिसंबर में होनेवाली परीक्षा में तीन चरण निर्धारित कर दिए हैं. इसके अनुसार पूर्व परीक्षा, मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार आयोजित किए जाएंगे. पूर्व परीक्षा में उत्तीर्ण अभ्यर्थी ही मुख्य परीक्षा में भाग ले सकेंगे. मुख्य परीक्षा क्लीयर करनेवालों को साक्षात्कार के लिए बुलाया जाएगा. वर्ष 2014  तक लिखित परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले उम्मीदवार साक्षात्कार के लिए बुलाए जाते थे. इसके बाद मेरिट के आधार पर उनका चयन किया जाता था. परंतु इस वर्ष 2015 से आईबीपीएस ने 3 चरण की भर्ती प्रक्रिया अपनाई है. हालांकि एसबीआई ने अभी तक अपनी भर्ती प्रक्रिया में किसी तरह का कोई बदलाव करने की जानकारी नहीं दी है. एसबीआई 2014 परीक्षा में लिखित परीक्षा उत्तीर्ण करनेवाले ही इंटरव्यू के लिए बुलाए गए थे. आबीपीएस की नई भर्ती प्रक्रिया से अभ्यर्थियों को घबराने की जरूरत नहीं है. यह सिर्फ परीक्षा का स्तर सुधारने की कवायद है. इसके माध्यम से तुलनात्मक रुप से अधिक होशियार एवं जानकार लोगों की भर्ती एकमात्र उद्देश्य है. परीक्षा के विषय वही रहने की संभावना है. फिलहाल आईबीपीएस ने इस संबंध में कोई जानकारी नहीं दी है.

  • क्या होनी चाहिए योग्यता :

बैंक की नौकरी की सबसे खास बात ये है कि इसके लिये किसी विशेष विषय की बाध्यता नहीं है. एक समय था जब बैंक्स को सिर्फ कॉमर्स और इकोनॉमिक्स वालों का क्षेत्र माना जाता था. पर अब ऐसा नहीं है. अधिकतर बैंक्स में प्रवेश-परीक्षा होती है, जिसे पास करने वालों का ही चुनाव होता है. ये साइंस, आट्र्स, कॉमर्स किसी भी क्षेत्र के हो सकते हैं. लिखित परीक्षा के बाद साक्षात्कार होता है और तब कहीं जाकर चयन सुनिश्चित होता है. इसके अलावा बैंकिंग क्षेत्र की योग्यता के लिए कई तरह के बड़े बदलाव भी किए गए हैं. वर्ष 2011 में  क्लर्क पद के लिए आईबीपीएस ने दसवीं अथवा 12वीं में 60 प्रतिशत अंक अथवा पदवी उत्तीर्ण की शर्त रखी थी. इसके बाद वर्ष 2012 व 2013 में पदवी उत्तीर्ण की शर्त रखी गई थी. अब वर्ष 2014 में पदवीधर अथवा तय की गई तारीख तक पदवी परीक्षा उत्तीर्ण करने की शर्त रखी गई थी. इसी प्रकार प्रोबेशनर ऑफिसर पद के लिए 2012 में 60 प्रश अंकों के साथ स्नातक (पिछड़ावर्ग के लिए 55 प्रश), वर्ष 2013 में सिर्फ स्नातक और वर्ष 2014 में स्नातक उत्तीर्ण अथवा तय की गई तारीख तक स्नातक होना जरूरी कर दिया गया था. भविष्य में भी इन शर्तों में बदलाव संभव है.

स्पेशलिस्ट ऑफिसर पद के लिए पदवी/स्नातक/स्नातकोतर आवश्यक है. कई पदवी कोर्स बैंकिंग क्षेत्र में काम आते हैं जैसे एमबीए-फाइनेंस, एचआर मार्केटिंग, इंजीनियरिंग आईटी, कम्प्यूटर. इसके अलावा एलएलबी व अन्य पदवीधर आदि. इन शैक्षणिक योग्यताओं के नहीं होने के बावजदू स्नातक भी बैंकिंग क्षेत्र के लिए तैयारी कर सकते हैं. इसके लिए आपको बैंकिंग भर्ती के विज्ञापनों पर भी नजर रखनी जरूरी है. सहायता के लिए आप आईबीपीएस और एसबीआई की वेबसाइट देखें अथवा www.allauddin.co.in में दिए गए महत्वपूर्ण लिंक से जानकारी हासिल कर सकते हैं.

  • आयु सीमा :

क्लर्क पदों के लिए कम से कम 20 वर्ष और अधिक से अधिक 28 वर्ष. एससी/एसटी के लिए 5 वर्ष की और ओबीसी के लिए कम से कम 3 वर्ष की आयु सीमा में शिथिलता दी जाती है. ‘पीओ’ पद के लिए कम से कम 20 वर्ष और अधिक से अधिक 30 वर्ष की आयुसीमा तय की गई है. इस पद के लिए भी एससी/एसटी के लिए 5 वर्ष की और ओबीसी के लिए कम से कम 3 वर्ष की आयु सीमा में शिथिलता दी जाती है. (यह जानकारी आईबीपीएस की वर्ष 2014 के लिए जारी किए गए विज्ञापन के अनुसार दी गई है.)

  • उल्लेखित परीक्षा वस्तुनिष्ठ स्वरूप की होती है. पांचों विषय में उम्मीदवार को कम से कम अंक (Minimum qualifying marks) हासिल करने आवश्यक हैं. इसके बाद उत्तीर्ण उम्मीदवारों की मेरिट तैयार की जाएगी. मेरिट के अनुसार अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए बुलाया जाएगा. इंटरव्यू 100 अंकों का होता है.  साक्षात्कार और लिखित परीक्षा में मिले अंकों के आधार पर उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा.
  • परीक्षा का स्वरूप :

वर्ष 2014 में संपन्न बैंक परीक्षा के मुताबिक विषय और अंक पद्घति निम्नानुसार है.

IBPS - PO -2014

क्रम   विषय                                                  अंक                   समय

1.            Reasoning                                      50

2.            English language                          40                    2 Hrs

3.            Quantitative Aptitude                    50

4.            General Awareness                      40

5  .          Computer Knowledge                  20

Total                                              200

IBPS - Cleark-2014

Sr.no.    Name of test                      Mark                       Time

01.          Reasoning                            40

02.          English language                40

03.          Numerical Ability                 40                           2Hrs

04.          General Awareness            40

05 .         Computer Knowledge        40

Total                                      200
यह परीक्षा उपरोक्त स्वरूप में आयोजित की गई. वस्तुनिष्ठ स्वरूप की रहेगी और आबीपीएस बैंक पीओ के अनुसार ही उम्मीदवारों को चय किया गया.

(A)          Objective Test

Sr.no.    Topic Name                                        Mark                     Time

01         English language                               50

02         General Awareness                           50

03         Data Analysis/Interpretation             50                           2Hrs

04         Reasoning                                           50

             Total                                                      200

(B) Descriptive Test on English - 50 Mark :

लिखित परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले अभ्यर्थियों के लिए ग्रुप डिस्कशन 20 अंक, साक्षात्कार 30 अंकों का रहेगा. इसके बाद

ऑबजेक्टिव टेस्ट के 250  अंक 75 अकों में रुपांतरित होंगे और इसी तरह ग्रुप डिस्कशन और व्यक्तिगत मुलाकात के

50 अंक 25 अंक में रुपांतरित होंगे. इस प्रकार 100 अंकों में से मेरिट तय कर परिणाम घोषित होगा

बैंकिग क्षेत्र में पेशेवरों की मांग,करें तैयारी :

SBI - Clerk-2014      (A) Objective Test

Sr.no.                    Topic Name                        Mark                     Time

01.                         English language               40                    2Hrs15 min

02.                         General Awareness           40

03.                         Reasoning Ability               40

04                          Marketing Aptitude/

                              Computer Knowledge        40   

                              Marketing Aptitude/

05                         Quantitative Aptitude          40

                              Total                                      200

(B)       Interview - 100 Mark :   

लिखित परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले अभ्यर्थियों के लिए ग्रुप डिस्कशन 20 अंक, साक्षात्कार 30 अंकों का रहेगा. इसके बाद

ऑबजेक्टिव टेस्ट के 250  अंक 75 अकों में रुपांतरित होंगे और इसी तरह ग्रुप डिस्कशन और व्यक्तिगत मुलाकात के

50 अंक 25 अंक में रुपांतरित होंगे. इस प्रकार 100 अंकों में से मेरिट तय कर परिणाम घोषित होगा.

  • इस पर भी ध्यान दें :

1)      ऑबजेक्टिव टेस्ट / डिस्क्रेप्टिव टेस्ट उत्तीर्ण करने वाले उम्मीदवारों को साक्षात्कार के लिए बुलाया जाएगा.

2)   उपरोक्त सभी पेपर अंग्रेजी व हिंदी माध्यम के रहेंगे. सिर्फ अंग्रेजी दोनों माध्यम में एक ही रहेगी.

3)    परीक्षा में एक प्रश्न के दिए गए पांच पर्याय में से एक सही पर निशान लगाना होगा.

4)    प्रत्येक गलत उत्तर के 0.25 अंक अर्थात चार प्रश्न गलत होने पर एक प्रश्न के अंक काट लिए जाएंगे. (यदि

उम्मीदवार ने निशान नहीं लगाया है तो गलत उत्तर नहीं माना जाएगा.)

5)    प्रत्येक विषय के लिए कम से कम कट ऑफ निर्धारित होता है. विद्यार्थी को उतने अंक हासिल करना अनिवार्य है. उदाहरण के तौर पर 40 प्रतिशत का यदि कट ऑफ निर्धारित किया गया है और प्रत्येक पेपर 40 अंक का है तो उम्मीदवार को कम से कम 40 प्रतिशत के अनुसार 16 अंक हासिल करने अनिवार्य हैं.

6)    ध्यान रखें कि उम्मीदवारों का चयन कम से कम अंकों के आधार पर नहीं बल्कि क्रड्डठ्ठद्म 2द्बह्यद्ग किया जाता है. (उदाहरण के तौर पर यदि एक विद्यार्थी को  40 के अनुपात में प्रत्येक विषय में 16 अंक यानि कुल 80 अंक और दूसरे विद्यार्थी को प्रत्येक में 20 अंक के अनुसार कुल 100 अंक मिले हैं तो दूसरे उम्मीदवार का चयन किया जाएगा. इसी फार्मूले के आधार पर यदि पहले विद्यार्थी को प्रत्येक में 16 के अनुसार 80 और दूसरे को यदि कुल 100 अंक मिलने के बावजूद यदि किसी विषय में 16 से कम मिले हैं तो पहले उम्मीदवार का चयन किया जाएगा. )

  • विषय और पाठ्यक्रम :

सभी स्पर्धा परीक्षा के पाठ्यक्रम और विषय सामान्य ही होते हैं. बैंकिंग परीक्षा में मुख्य रूप से पांच विषयों का समावेश रहता है. इसमें अंग्रेजी,गणित, बुद्घिमता, कम्प्यूटर और सामान्य ज्ञान का समावेश होता है. इनमें गणित के अंतर्गत सांख्यिकी अभियोग्यता परीक्षअ किया जाता है. जबकि बुद्घिमता में तर्कशक्ति और सामान्य ज्ञान में बैंकिंग उद्योग से संबंधित और सामान्य ज्ञान के प्रश्न पूछे जाते हैं.

  • English language  : इस विषय से संबंधित पेपर में Spotting Common Errors, synonyms & antonyms, Improvement of sentences, passage comprehension, spelling correction related Questions, Fill in the blanks, Close Test (passage completion), Rearrangements of sentences in a paragraph, Transformation,  Rearrangements of word substitution, sentence completion आदि घटकों का समावेश रहता है. जबकि प्रोबेशनरी ऑफिसर पद के लिए वर्णात्मक पेपर में Latter writing, prices writing जैसे घटकों का समावेश है.
  • गणित : इससे संबंधित पेपर में संख्या पद्घति, विभाजकता, टक्केवारी, वर्ग और वर्गमूल, घात और घात के नियम, घन एवं घन मूल, लाभ-हानि, भागीदारी, सरल ब्याज, चक्रवर्ती ब्याज, एकीक नियम, समय और गति, समय और दूरी, क्षेत्रफल, डेटा इंटरप्रिटेशन, आदि घटकों का समावेश होता है.
  • बुद्घिमता : इस विषय के अंतर्गत सामान्यत: सदृश्यता व सहसंबंध, वर्गीकरण, श्रृंखला कोडिंग-डिकोडिंग, दिन, समय, दिशा, दूरी , रैंकिंग, वर्णंमाला, रक्त संबंध, समस्या-समाधान, बैठक व्यवस्थापन, शब्द निर्माण, आदि घटकों का समावेश होता है.
  • सामान्य ज्ञान : आईबीपीएस व एसबीआई की परीक्षा में 50 प्रतिशत प्रश्न चालू वर्ष की घटनाओं से संबधित होते हैं.  जैसे सामाजिक, राजनीतिक, पुरस्कार नवनिर्वाचित अधिकारी, विविध कार्यालयों के मुख्यालय, अन्य देशों के साथ संबंध, खेल जगत के पुरस्कार, विविध देशों की महत्वपूर्ण घटनाएं आदि.  शेष 50 प्रतिशत अंकों के लिए बैंकिंग क्षेत्र से संबंधित जैसे रैपो रेट, रिवर्स रैपो रेट, बैंक दर, आरबीआई की नई नीतियां व मार्केटिंग से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं.
  • कम्प्यूटर : इस विषय के पेपर में एक्रोनीम्स शब्दावली, कम्प्यूटर परिचय, मेमोरी, डाटा रिप्रेजेन्टेशन सॉफ्टवेयर, ऑपरेटिंग सिस्टम, डाटाबेस मैनेजमेंट सिस्टम, कम्प्यूटर नेटवर्क, इंटरनेट, इलेक्ट्रानिक्स कॉमर्स आदि घटकों से संबंधित प्रश्न पूछे जा सकते हैं.
  • कैसे करें पढ़ाई
  • अंग्रेजी विषय का अभ्यास करने के लिए सबसे पहले प्रतियोगी को अपने अंग्रेजी के ज्ञान को बढ़ाना होगा.  Vocabulary पक्की करने के लिए अंग्रेजी पेपर, पुस्तकें आदि पढऩी चाहिए, इस दौरान समझ में नहीं आनेवाले शब्दों को डिक्शनरी में ढूंढें. इसी प्रकार ग्रामर की किताबों का भी अध्ययन करें. साथ ही प्रैक्टिकल पेपर भी हल करें.
  • गणित विषय की पढ़ाई हम बचपन से ही करते आ रहे होते हैं. इसके बावजूद आज भी हमें गणित से घबराहट होती है. जबकि वास्तव में सबसे आसान विषय गणित ही है. 8वीं-9वीं कक्षा में हमने गणित की जो पढ़ाई की थी उसी से संबंधित प्रश्न बैंकिंग क्षेत्र की परीक्षा में पूछे जाते हैं. इसका अभ्यास किस तरह करें यह उम्मीदवारों को मालूम नहीं होता है इसलिए वे घबरा जाते हैं.  सबसे पहले बेसिक गणित से पढ़ाई की शुरुआत करें. इसमें वर्ग, वर्गमूल आदि 30 तक पाठ करें. नियमित अभ्यास से गणित में पारंगत होने के साथ-साथ गति भी आ जाती है. इस विषय का पूरी जानकारी के लिए किरण, अरिहंत आर.एस.अग्रवाल व नाथे प्रकाशन की पुस्तकें पढ़ें.
  • बुद्घिमता विषय उन लोगों के लिए आसान है जिन्होंने चौथी और सातवीं कक्षा में छात्रवृत्ति के लिए परीक्षा दी थी. यह विषय तर्कशक्ति पर आधारित होता है. इस विषय से यह समझा जा सकता है कि कम समय में आप कितना अचूक निर्णय ले सकते हैं.  इसके लिए अरिहंत, किरण, नाथे प्रकाशन की पुस्तकें पढ़ें.
  • सामान्य ज्ञान अर्थात विश्व एवं देश की वर्तमान एंव बीती घटनाओं की जानकारी होना. इसके लिए दैनिक पेपर पढ़ें. इसमें भी मुख्यत: सामाजिक, राजनीतिक और खेल से संबंधित घटनाक्रम पर ध्यान दें. इन सभी बातों को एक  रजिस्टर में लिखते रहें.  साथ-साथ बैंकिंग नॉलेज से संबंधित मासिक पत्रिकाएं भी पढ़ें.
  • स्पर्धा परीक्षा मंत्र : स्पर्धा परीक्षा चाहे किसी भी क्षेत्र की हो परिक्षार्थी का दृष्टिकोण सकारात्मक होना जरूरी है. परीक्षा के लिए अभ्यास करने से पूर्व संबंधित विषय और उनके घटको के बारे में संपूर्ण जानकारी हासिल कर लें. इसके लिए पिछले 4-5 वर्ष के प्रश्न पत्र देखें. इन दोनों तरीकों से यदि अध्ययन किया जाए तो हमें यह ध्यान में आ जाएगा कि किस विषय में किस तरह के प्रश्न पूछे जा सकते हैं. अब आप देखेंगे कि हर विषय में आपकी रूचि बढ़ गई है. अपनी सकारात्मकता के द्वारा आप सफलता हासिल कर सकते हैं.