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‘बीएस-4’ अनुवर्ती वाहनों के लिए अधिसूचना जारी

BS 4  

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने ‘बीएस-4’ अनुवर्ती चार पहिया मोटर वाहन के लिए अधिसूचना जारी की. ‘बीएस-4’ अनुवर्ती चार पहिया मोटर वाहन अधिसूचना के अनुसार, 1 अक्टूबर 2015 से जम्मू -कश्मीर (लेह और कारगिल जिलों को छोड़कर), पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्त‍राखंड और राजस्थान के हनुमानगढ़ और गंगानगर जिलों और उत्तर प्रदेश के सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, ज्योतिबाफूले नगर, रामपुर, मुरादाबाद, अलीगढ़, बदायूं, मथुरा, महामाया नगर, एटा, आगरा, फिरोजाबाद, इटावा, मैनपुरी, पीलीभी‍त, शामली, सम्भल, फर्रूखाबाद, कन्नौज, ओरैया और कासगंज जिलों में, 1 अप्रैल, 2016 से गोवा, केरल, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा और संघशासित प्रदेश दमन एवं दीव, दादरा एवं नगर हवेली और अंडमान निकोबार द्वीप समूह, महाराष्ट्र् राज्य के मुंबई, ठाणे, पुणे जिलों में तथा गुजरात राज्य के सूरत, वलसाड, डांग और तापी जिलों में केवल भारत स्टेज 4 (बीएस-4) अनुवर्ती चार पहिया वाहनों का ही निर्माण होगा. इस अधिसूचना के अनुसार, 1 अप्रैल 2017 से पूरे देश में भारत स्टेज 4 के व्यापक उत्सर्जन मानक लागू हो जाएंगे.

विदित हो कि बीएस-4 ग्रेड ईंधन 1 अप्रैल 2010 से एनसीआर तथा मुंबई, कोलकाता, चैन्नई, अहमदाबाद, बैंगलोर, हैदराबाद, सिकंदराबाद, कानपुर, पूणे, सूरत, आगरा, लखनऊ और शोलापुर शहरों में पहले ही उपलब्द कराया जा रहा है. 1 अक्टूरबर, 2014 से 20 अतिरिक्त शहरों में यह सुविधा शुरू की गई है और 1 अप्रैल, 2015 से इस सूची में 30 और शहरों को जोड़ा गया है. इससे बीएस-4 मानकों के अनुवर्ती नवनिर्मित चार पहिया वाहनों का ही पंजीकरण किया जाएगा और अधिसूचित क्षेत्रों में अधिसूचित दिनांक से यह वाहन ही सड़कों पर चलेंगे. ऐसा इन क्षेत्रों में बीएस-4 अनुवर्ती पेट्रोलियम ईंधनों की आपूर्ति के कारण संभव हुआ है. इन विनिर्देशनों से कार्बन मोनो-ऑक्सानइड (सीओ), हाइड्रोकार्बन (एचसी), ऑक्साईड ऑफ नाइट्रोजन (एनओएक्सश) और गंधक (एसओएक्सड) का उत्सर्जन और कम होगा क्योंकि बीएस-3 ईंधन की तुलना में बीएस-4 ईंधन में यह तत्व बहुत कम हैं.