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चिकित्सा उपकरणों के पुर्जों पर काम होगी ड्यूटी

MEDICAL-EQUIPMENT  

मेडिकल डिवाइस या चिकित्सा उपकरण सेक्टर में मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए सरकार कई कदम उठाने जा रही है. एक कदम ड्यूटी की विसंगति को दूर करना है. औषधि विभाग के सचिव वीके सुब्बुराज ने कहा कि इस सेक्टर में अभी इन्वर्टेड ड्यूटी है. यानी प्रोडक्ट पर कम, उसे बनाने वाले पुर्जों पर ज्यादा. प्रोडक्ट सस्ता होने से घरेलू उद्योगों को नुकसान पहुंचता है. औद्योगिक नीति एवं संवर्धन विभाग के साथ इस पर बात चल रही है. जल्दी ही राजस्व विभाग को इस बारे में सिफारिशें भेजी जाएंगी. सुब्बुराज ने कहा कि सरकार का इरादा इसे पांच साल में तीन लाख करोड़ रुपए की इंडस्ट्री बनाना है. अभी यह करीब 30,000 करोड़ रुपए का है. उन्होंने बताया कि ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट में चिकित्सा उपकरणों के लिए अलग वर्टिकल बनाया जाएगा. उन्होंने बताया कि भारत में बने डिवाइस की खरीद को प्राथमिकता देने पर विचार चल रहा है. खास कर एसएमई उपकरणों द्वारा तैयार उपकरणों की. इसके लिए इलेक्ट्रॉनिक्स और एमएसएमई मंत्रालय से बात चल रही है. टेंडर डॉक्यूमेंट में बदलाव करने की भी बात है. अभी देश में बिकने वाले दो-तिहाई मेडिकल डिवाइस आयातित होते हैं.