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सऊदी अरब के इतिहास में पहली बार महिलाएं कर रही है वोटिंग

  women in Saudi arabia

सऊदी अरब में हो रहे इलेक्शन में पहली बार पहली बार महिला कैंडिडेट और वोटर्स हिस्सा ले रही हैं। पहली बार देश में महिलाएं इलेक्शन में कैंडिडेट बनी हैं और वोटिंग भी कर रही हैं।. सऊदी अरब के इतिहास में तीसरी बार इलेक्शन हो रहे हैं।

1965 से 2005 (40 साल) तक चुनाव स्थगित किए गए थे। सऊदी अरब में महिला और पुरुष के वोट अलग-अलग रखे जाते हैं। यहां लिंग आधार काफी सख्त है। हालांकि यह पहला मौका है, जब सऊदी अरब में लोकल काउंसिलर के लिए महिलाओं को वोट देने और इलेक्शन में भाग लेने की इजाजत दी गई है।

खबर के मुताबिक, पुरुष वोटर्स ने रियाद के पोलिंग सेंटर में सुबह आठ से खोल दिए गए थे। पोलिंग सेंटर पर सुबह 10 के करीब पुरुष वोटर पहुंचे थे। दीवार पर टंगी शीट पर अपना नाम कन्फर्म करने के बाद उन्होंने बैलेट पेपर पर अपने पसंद के कैंडिडेट पर मुहर लगाकर बॉक्स में डाल दिया। वोटिंग शाम पांच बजे बंद हो जाएगी।

लाखों महिलाएं देंगी वोट
म्युनिसिपल इलेक्शन के लिए 5938 पुरुष कैंडिडेट के मुकाबले 978 महिला कैंडिडेट भाग ले रही हैं। उन्हें इलेक्शन कैंपेन के दौरान पार्टीशन से स्पीच देने या किसी पुरुष द्वारा कैम्पेन करने की इजाजत दी गई थी। वहीं, वोटिंग की बात की जाए तो करीब एक लाख 30 हजार महिलाओं को वोट देने के लिए रजिस्टर्ड किया गया है। उन्हें वोटिंग देने का अधिकार पूर्व शासक किंग अब्दुल्ला के शासनकाल में हो गया था। इस साल जनवरी को उनकी मौत से पहले उन्होंने देश की शूरा काउंसिल में 30 महिलाओं को नियुक्त किया था। सऊदी अरब एकमात्र ऐसा देश है , जहां महिलाओं को कार चलाने की इजाजत नहीं है।

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