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गणतंत्र दिवस के संचलन में भारतीय जवानों के साथ कदमताल मिलाएंगे फ्रांस आर्मी के सैनिक

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26 जनवरी को राजधानी दिल्ली में होने वाला राष्ट्रीय स्तर का गणतंत्र दिवस का मुख्य समारोह इस बार बेहद ख़ास रहने वाला है।. भारत के इतिहास में यह पहली बार होगा, जब कोई विदेशी सेना देश की सरज़मीं पर हुए किसी गणतंत्र दिवस समारोह में परेड करती नज़र आएगी।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक गणतंत्र दिवस की मुख्य परेड में फ्रांस सेना का एक ट्रूप भारतीय सेना के जवानों के साथ परेड में कदमताल मिला सकता है।. दरअसल, फ्रांस सेना का एक दल पहले से ही भारतीय सेना के साथ यहां संयुक्त सैन्य अभ्यास में जुटा हुआ है। संभावना जताई जा रही है कि संयुक्त सैन्य अभ्यास में शामिल फ्रांस का यही दल गणतंत्र दिवस के मौके पर परेड में शामिल होगा। 

गौरतलब है कि फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद दिल्ली में होने वाले गणतंत्र दिवस के मुख्य समारोह में बतौर मुख्य अतिथि मौजूद रहेंगे। फ्रांस राष्ट्रपति के साथ ही फ्रांस सेना के जवानों का परेड में शामिल होना दोनों देशों के बीच मजबूत होते रिश्तों को भी दुनिया के सामने पेश करेगा। यह पांचवीं बार होगा जब फ्रांस का कोई नेता भारत के गणतंत्र दिवस केर मुख्य समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करेगा।  इससे पहले फ्रांस की ओर से किसी प्रतिनिधि ने 1976, 1980, 1998 और 2008 में समारोह में मौजूदगी दर्ज़ कराई थी। 

पिछली बार ओबामा थे मुख्य अतिथि

गौरतलब है कि पिछले साल बराक ओबामा गणतंत्र दिवस पर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने वाले पहले अमेरिकी राष्ट्रपति बने थे। 35वीं इनफैंट्री रेजिमेंट का इतिहास 1604 से शुरू होता है। इस रेजिमेंट को 12 सैन्य सम्मान मिले हैं. इसने अल्जीरिया, अफ्रीका, इराक और अफगानिस्तान में भी अपनी सेवाएं दी हैं।

चीफ गेस्ट के तौर पर पहले भी फ्रांस के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री भारत का दौरा कर चुके हैं। 1998 में राष्ट्रपति और 1976 में प्रधानमंत्री के तौर पर जैक्स चार्क रिपब्लिक डे कार्यक्रम में मुख्य अतिथिकी भूमिका निभा चुके हैं। फ्रांस के राष्ट्रपति वैलरी ग्रिसकार्ड भी 1980 में गणतंत्री दिवस कार्यक्रम के चीफ गेस्ट के तौर पर भारत का दौरा कर चुके हैं।