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सर्वे कहता है, उम्मेद भवन पैलेस ही हैं दुनिया का सबसे अच्छा होटल

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ट्रैवल साइट ट्रिपएडवाइजर के एक सर्वेक्षण में जोधपुर के उम्मेद भवन पैलेस को दुनिया का सबसे अच्छा होटल आंका गया है। यह निष्कर्ष विभिन्न समीक्षाओं व टिप्पणियों के आधार पर निकाला गया है।. बलुआ पत्थर से बने इस भव्य होटल में 347 कमरे हैं। ट्रिपएडवाइजर के ‘ट्रेवलर्स च्वाइस अवार्ड फार होटल्स’ में दुनिया के शीर्ष होटल श्रेणी में इसे पहले स्थान पर रखा गया है। इस श्रेणी के 25 शीर्ष होटलों की सूची में मैसूर का ऑरेंज कंट्री रिसॉर्ट 13वें स्थान पर है। कंपनी ये अवार्ड दुनिया भर से मिली समीक्षाओं व टिप्पणियों के आधार पर तय करती है।

महाराजा उम्मेद सिंह के नाम पर बने इस महल को 1943 में पूरा किया गया और यह जोधपुर के राजघराने का शाही निवास था। उम्मेद भवन पैलेस के 347 कमरों में 64 कमरों का रखरखाव ताज होटल्स के हवाले और और पर्यटकों के लिए उपलब्ध हैं। ट्रैवेल वेबसाइटों के अनुसार उम्मेद भवन पैलेस होटल में दो लोगों के लिए एक सामान्य कमरे का औसत किराया 50 हजार रुपये प्रति दिन है। महल में एक संग्राहलय भी है। उम्मेद भवन पैलेस का डिजाइन मशहूर एडवर्डियन आर्किटेक्ट हेनरी लैनकेन्सर ने तैयार किया था और इसपर पूर्वी और पश्चिमी दोनों ही वास्तुकला का असर दिखता है।

आखिर क्यों है यह सबकी पसंद
· जोधपुर के उम्मेद भवन पैलेस के निर्माण के दौरान पत्थरों को बांधने के लिये मसाले का उपयोग नहीं किया गया था। यह विशिष्टता बड़ी संख्या में पर्यटकों को इस महल की ओर आकर्षित करती है। इस स्मारक में 347 कमरे हैं जो कि भारतीय राष्ट्रपति भवन के 340 कमरों से ज्यादा हैं। ये कमरे तत्कालीन जोधपुर शाही परिवार के लिए उपयोग किए जाते हैं।
· उम्मेद भवन का एक हिस्सा फाइव स्टार होटल में तबदील कर दिया गया है। यहां नीता अंबानी ने अपना जन्मदिन मनाया था वहीं HDFC बैंक के चेयरमैन के बेटे की शादी, जोधपुर राजपरिवार के युवराज और स्टार पोलो खिलाड़ी शिवराज सिंह की शादी जैसी कई शाही शादियों का भी गवाह बन चुका है।
· मेहरानगढ़ क़िला 120 मीटर ऊंची एक चट्टान पहाड़ी पर निर्मित है जिससे इसकी ऊंचाई कुतुब मीनार से भी ज्यादा है। इस दुर्ग के परकोटे की परिधि 10 किलोमीटर है।
· जोधपुर का जसवंत थाड़ा पूरी तरह संगमरमर से निर्मित है। इसका निर्माण 1899 में सरदार सिंह ने राजा जसवंत सिंह द्वितीय और उनके सैनिकों की याद में कराया था।
· जोधपुर के मंडोर गार्डन में एक पानी का कुंड है, जिसे 'नाग गंगा' के नाम से जाना जाता है। इस कुंड में पहाडों के बीच से एक पानी की छोटी-सी धारा सतत बहती रहती है। यह सैलानियों के लिए आकर्षण का केंद्र है।