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सोना मौद्रीकरण योजना : बैंकों में सोना जमा कराएं, टैक्स फ्री ब्याज पाएं

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भारतीय परिवारों और विभिन्न संस्थानों के पास करीब 60 लाख करोड़ रुपये का सोना ‘निष्क्रिय’ पड़ा है। सरकार ने इस सोने को बाजार में लाने के लिए एक नई योजना का प्रस्ताव किया है।. योजना के तहत बैंकों में सोना जमा कराने पर उस पर मिलने वाला ब्याज करमुक्त होगा। स्वर्ण मौद्रीकरण योजना के मसौदे में बैंकों के लिए भी प्रोत्साहन की व्यवस्था की गई है। दिशानिर्देश प्रारूप के मुताबिक कोई व्यक्ति या संस्थान न्यूनतम 30 ग्राम सोना जमा करा सकेगा। इस पर मिलने वाले ब्याज पर आयकर या पूंजीगत लाभ कर नहीं लगेगा। मसौदे के मुताबिक किसी व्यक्ति या संस्थान के पास यदि अतिरिक्त सोना है तो वह बीआईएस प्रमाणीकृत हॉसमार्किंग केंद्रों से इसका मूल्यांकन कराकर कम से कम एक साल की अवधि के लिए बैंकों में ‘स्वर्ण बचत खाता’ खोल सकता है और ब्याज के तौर पर नकदी या सोना हासिल कर सकते हैं।वित्त मंत्रालय ने इस स्वर्ण मौद्रीकरण योजना पर संबद्ध पक्षों से दो जून तक टिप्पणियां देने को कहा है। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इस साल बजट में स्वर्ण मौद्रीकरण योजना की घोषणा की थी जिसे शुरुआत में चुनिंदा शहरों में पेश किए जाने का प्रस्ताव है। नई योजना के तहत जमाकर्ता अपने धातु खाते में ब्याज पा सकेंगे। वहीं ज्वेलर्स अपने धातु खाते में ऋण ले सकेंगे।दिशानिर्देश के मसौदे में कहा गया, ब्याज दर के बारे में फैसला बैंकों पर छोड़ देने का प्रस्ताव है। सोना जमा करने वाले को अदा किए जाने वाले मूलधन और ब्याज का हिसाब किताब सोने में ही किया जाएगा। मसौदे में कहा गया कि यदि कोई ग्राहक 100 ग्राम सोना जमा करता है और उसे एक प्रतिशत ब्याज मिलता है तो परिपक्वता पर उसके खाते में 101 ग्राम सोना होगा। परिपक्वता के मामले में दिशानिर्देश में कहा गया है कि ग्राहक इसे नकद राशि में अथवा सोने के रूप में ले सकता है। योजना के तहत जमा अवधि कम से कम एक साल होगी और उसके बाद इसी गुणक में रखी जायेगी।