Whats new
Shopping Cart: Rs 0.00

You have no items in your shopping cart.

Subtotal: Rs 0.00

Welcome to

Allauddin

सरकार ने 15 प्रमुख क्षेत्रों में FDI नीति उदार बनाई

arun-jetli

प्रधानमंत्री की ब्रिटेन यात्रा से पहले केंद्र सरकार ने खनन, रक्षा, नागर विमानन और प्रसारण सहित 15 प्रमुख क्षेत्रों में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) नीति को उदार बनाने का फैसला लिया है. इस फैसले को महत्वपूर्ण बताते हुए वित्तमंत्री अरुण जेटली ने मंगलवार को कहा कि इससे निवेश बढ़ेगा जो विकास के लिए जरूरी है. जेटली ने एफडीआई नीति में बदलाव किए जाने के बाद कहा कि कारोबारी माहौल को सरल बनाना सरकार की प्राथमिकता है. इसी के बल पर वैश्विक रैंकिंग में भारत की स्थिति बेहतर हुई है.
उन्होंने एफडीआई को अतिरिक्त संसाधन बताते हुए कहा कि सुधार के जरिए कुछ पुरानी शर्तें हटाई गई हैं और कुछ उदार बनाए गए हैं. यह निर्माण क्षेत्र के लिए भी महत्वपूर्ण और इससे इस क्षेत्र में तेजी आने की संभावना है. उन्होंने कहा कि निवेशक उन क्षेत्रों में निवेश करना चाहते हैं जिसमें वृद्धि की उम्मीद है. जहां उन्हें बेहतर रिटर्न मिल सकता है. क्षेत्र का उन्होंने कहा कि इन्फ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र के लिए नए उपक्रमों की जरूरत है और एफडीआई से इसमें बढ़ोतरी होगी. वित्त मंत्री ने कहा कि पिछले एक वर्ष में एफडीआई में 40 प्रतिशत की वृद्धि हुई है.
प्रमुख फैसले
डायरेक्ट टू होम, केबल नेटवर्क और बागवानी फसल में 100 प्रतिशत एफडीआई की अनुमति.
निजी बैंक क्षेत्र के मामले में एफआईआई अब 74 प्रतिशत तक निवेश कर सकते हैं
एफएम रेडियो और समाचार चैनलों में अपलिंकिंग मामले में विदेशी निवेश सीमा 26 से बढ़कर 49 प्रतिशत हुआ.
एकल ब्रांड और खुदरा क्षेत्र में भी निवेश के नियमों में ढील दी गई है.
शुल्क मुक्त दुकान तथा सीमित जवाबदेही भागीदारी में स्वत: मंजूरी के जरिए 100 प्रतिशत एफडीआई अनुमति.
रक्षा क्षेत्र में स्वत: मंजूरी मार्ग से 49 प्रतिशत विदेशी निवेश की अनुमति.
एफआईपीबी अब 5,000 करोड़ रुपये के एफडीआई प्रस्तावों की मंजूरी दे सकता है. पहले यह सीमा 3,000 करोड़ थी.