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रेटिंग एजेन्सी फिच रेटिंग्स ने कहा है कि भारत में 15 क्षेत्रों में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के नियम उदार किए जाना एक महत्वपूर्ण ढांचागत वृहद आर्थिक सुधार है. इससे दीर्घकाल में निवेश और वास्तविक जीडीपी वृद्धि को प्रोत्साहन मिलेगा.
रेटिंग एजेन्सी ने कहा कि इन सुधारों के क्रियान्वयन और निवेश को प्रोत्साहन भारत के लिए वृद्धि दर बढ़ाने और बाहरी असर को कम करने, दोनों के लिए ही एक महत्वपूर्ण कारक है.
फिच रेटिंग्स ने एक बयान में कहा, ‘हमारा अनुमान है कि इस साल जीडीपी वृद्धि दर 7.5 प्रतिशत रहेगी. 2016 और 2017 में यह बढ़कर आठ प्रतिशत पर पहुंचेगी.’ एफडीआई नियमों को उदार करने की घोषणा और इससे पहले देश की बिजली वितरण कंपनियों की वित्तीय सेहत सुधारने के लिए घोषित योजना से संकेत मिलता है कि भारत की सुधार की गति अडिग बनी हुई है.
उल्लेखनीय है कि 11 नवंबर को एफडीआई नियमों में ढील देते हुए विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) से मंजूरी के लिए सीमा 3,000 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 5,000 करोड़ रुपये कर दी गई और साथ ही निजी बैंकों, रक्षा और गैर समाचार मनोरंजन मीडिया सहित विभिन्न क्षेत्रों में विदेशी निवेश की सीमा बढ़ा दी गई.