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DNA रिपेयर की डिस्कवरी के लिए तीन साइंटिस्ट को केमिस्ट्री का नोबेल प्राइज

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केमिस्ट्री में 2015 के नोबेल प्राइज के लिए स्वीडन के थॉमस लिंडहल, अमेरिका के पॉल मॉड्रिच और तुर्की के अजीज सनकार को चुना गया है. इन्हें डीएनए रिपेयर करने की डिस्कवरी के लिए प्राइज दिया जाएगा. तीनों साइंटिस्ट नोबेल प्राइज के साथ आठ मिलियन स्वीडिश क्रोनोर यानी करीब 6.2 करोड़ रुपए की प्राइज मनी शेयर करेंगे. क्या है डिस्कवरी?
रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेस के सेक्रेटरी जनरल गोरेन हैनसन के मुताबिक, इन तीनों साइंटिस्ट ने वह मैकेनिज्म ढूंढ निकाला है जिसके तहत सेल्स के इस्तेमाल से डीएनए को रिपेयर किया जा सकता है. नोबेल प्राइज की घोषणा के बाद ब्रिटेन में मौजूद थॉमस लिंडहल ने कहा, "मैं लकी महसूस कर रहा हूं." इससे एक दिन पहले फिजिक्स के लिए तकाकी काजिता और आर्थर मैकडोनाल्ड को मिला था. गुरुवार को लिटरेचर, शुक्रवार को पीस प्राइज और अगले सोमवार को इकोनॉमिक्स में नोबेल प्राइज का एलान होगा.
कौन हैं तीनों साइंटिस्ट?
थॉमस लिंडहल स्वीडिश साइंटिस्ट थॉमस लिंडहल कैंसर स्पेशलिस्ट हैं. 1967 में पीएचडी और 1970 में स्टॉकहोम स्थित कारोलिन्स्का इंस्टीट्यूट से डॉक्टर ऑफ मेडिसिन की क्वालिफिकेशन के बाद यूके चले गए. वहां 1981 इम्पीरियल कैंसर रिसर्च फंड (अब कैंसर रिसर्च यूके) में रिसर्चर के तौर पर जुड़ गए.
पॉल मॉड्रिच पॉल मॉड्रिच ड्यूक यूनिवर्सिटी स्थित बायोकेमिस्ट्री में 'जेम्स बी ड्यूक प्रोफेसर' हैं. इसके अलावा वे हॉवर्ड हॉग्स मेडिकल इंस्टीट्यूट में इनवेस्टिगेटर हैं. 1973 में उन्होंने स्टेनफोर्ड यूनिवर्सिटी से पीएचडी की. वे अपनी रिसर्च 'डीएनए मिसमैच रिपेयर' के लिए जाने जाते हैं.
अजीज सनकार तुर्की के साइंटिस्ट अजीज सनकार डीएनए रिपेयर, सेल साइकल चेकप्वाइंट और सर्केडियन क्लॉक के स्पेशलिस्ट हैं.