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रक्षा मंत्रालय का बड़ा फैसला

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वायु सेना में महिलाओं को पुरुषों के बराबर लाने की दिशा में क्रांतिकारी कदम उठाते हुए रक्षा मंत्रालय ने महिला पायलटों के लड़ाकू विमान उडाने के प्रस्ताव को आज मंजूरी दे दी. इन महिला पायलटों का चयन वायु सेना की अकादमी में अभी प्रशिक्षण ले रही महिला अधिकारियों में से ही किया जायेगा. आधिकारिक वक्तव्य में कहा गया है कि रक्षा मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रचलित व्यवस्था को देखते हुए महिला पायलटों को लड़ाकू दस्ते में शामिल करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है.
वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अरूप राहा ने पिछले महीने वायु सेना दिवस के अवसर पर कहा था कि वायु सेना महिला पायलटों को लड़ाकू विमान उडाने की मंजूरी देने पर विचार कर रही है. इसके बाद रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने भी सरकार की इस योजना की पुष्टि करते हुए कहा था कि इस बारे में जल्द ही निर्णय लिया जायेगा. वायु सेना की महिला पायलट अभी तक परिवहन विमान और हेलीकॉप्टर ही उड़ा रही हैं.
आधिकारिक वक्तव्य में कहा गया है कि परिवहन विमान और हेलीकॉप्टर उडा रही महिला पायलटों का प्रदर्शन वायुसेना में काफी अच्छा और अपने पुरूष सहकर्मियों के समकक्ष रहा है. इन्हें वायुसेना के लड़ाकू दस्ते में शामिल करने से उन्हें लड़ाकू भूमिका में भी अपनी क्षमता साबित करने का मौका मिलेगा. इसे देखते हुए रक्षा मंत्रालय ने भारतीय महिलाओं की आकांक्षाओं तथा विकसित देशों की सशस्त्र सेनाओं में प्रचलित व्यवस्था के अनुरूप यह कदम उठाया है.
मंत्रालय ने यह भी निर्णय लिया है कि लड़ाकू विमान उडाने वाली पायलटों का चयन अभी वायुसेना अकादमी में पायलट का प्रशिक्षण ले रही अधिकारियों में से ही किया जायेगा. प्रारंभिक प्रशिक्षण के बाद इन्हें जून 2016 में वायुसेना के लड़ाकू दस्ते में कमीशन दिया जायेगा. इन्हें एक और वर्ष का गहन प्रशिक्षण दिये जाने के बाद ये जून 2017 से लड़ाकू विमान उडाना शुरू करेंगी. वायुसेना में अभी तक महिला अधिकारियों की भर्ती लड़ाकू दस्ते को छोड़कर सभी शाखाओं में की जा रही थी. इस निर्णय के बाद वायुसेना ने अपनी सभी शाखाएं महिला अधिकारियों के लिए खोल दी हैं.
रक्षा मंत्रालय ने महिलाओं को सशस्त्र सेनाओं की विभिन्न शाखाओं में भर्ती करने तथा उन्हें स्थायी कमीशन देने के प्रस्तावों पर भी विस्तार से विचार किया है. इस बारे में निर्णय लिये जाने के बाद कुछ और शाखाओं को भी महिलाओं के लिए खोला जायेगा तथा उन्हें सशस्त्र सेनाओं में उनकी योग्यता को देखते हुए उचित स्थान दिया जायेगा.