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भारत में और 3% जंगल खत्म

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एक नए अध्ययन में यह चेतावनी दी गई है कि 1990 से अब तक भारत सहित दुनिया के वनक्षेत्रों में तेजी से कमी आई है, जो तीन प्रतिशत तक सिमट गए हैं यह क्षेत्र दक्षिण अफ्रीका के आकार के बराबर है. संयुक्त राष्ट्र की 'ग्लोबल फॉरेस्ट रिसोर्स असेसमेंट' (जीएफआरए) 2015 रिपोर्ट में यह पता चला कि वनक्षेत्रों को होने वाले नुकसान में कमी दिखी है, लेकिन पिछले 25 साल में हुआ नुकसान चिंताजनक है. वर्ष 1990 और 2015 के बीच कुल वनक्षेत्र तीन प्रतिशत घटा है और 102,000 लाख एकड़ से अधिक का क्षेत्र 98,810 लाख एकड. तक सिमट गया है, यानी 3,190 लाख एकड. वनक्षेत्र में कमी आई है. रिपोर्ट के मुताबिक, उल्लेखनीय है कि प्राकृतिक वनक्षेत्र में कुल वैश्विक क्षेत्र की दोगुनी यानी छह प्रतिशत कमी देखी गई है, जबकि उष्णकटिबंधीय वनक्षेत्रों को सबसे अधिक 10 प्रतिशत की दर से नुकसान हुआ है. संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन के लिए जीएफआरए आंकडे. का विश्लेषण कर रहे यूनिवर्सिटी ऑफ मेलबोर्न में शिक्षाविदों की एक टीम का नेतृत्व करने वाले वानिकी विशेषज्ञ प्रोफेसर रेड कीनन ने बताया, ''यह कोई अच्छा आंकड़ा नहीं है.