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हिंदी में एमबीबीएस का विकल्प दे एमसीआई

पश्चिम बंगाल सरकार ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस से जुड़ीं 64 फाइलें शुक्रवार को सार्वजनिक कर दीं. सीएम ममता बनर्जी ने कहा,‘ इन फाइलों में मौजूद पत्रों से यह संकेत मिलता है कि नेताजी 1945 के बाद भी जीवित थे और उनके परिवार की जासूसी की गई.’ अभी तक ऐसा दावा किया जाता रहा है कि नेताजी की मौत 1945 में ताइवान में प्लेन क्रैश में हुई थी.कोलकाता पुलिस संग्रहालय में ये फाइलें रखी गईं: कुल 12,744 पन्नों की इन फाइलों को कोलकाता पुलिस के संग्रहालय में रखा गया है. सोमवार से आम लोग भी इन्हें पढ़ सकेंगे. ममता ने कहा, ‘मुझे फाइलें पढ़ने का ज्यादा समय नहीं मिला लेकिन मैंने वे पत्र देखे हैं जिन्हें 1945 के बाद लिखा गया.’ परिजनों को डीवीडी सौंपी गई: इन सभी फाइलों की डीवीडी नेताजी के परिजनों को सौंपी गई. ममता बनर्जी ने कहा,नेताजी के रहस्यमय ढंग से गायब होने का रहस्य 70 साल से सुलझाया नहीं जा सका है. हम नहीं जानते कि नेताजी के साथ क्या हुआ था, यह दुर्भाग्यपूर्ण है. जासूसी कराई गई: नेताजी के पौत्र चंद्रा बोस ने बताया, ‘मैंने फाइलों में देखा है कि कोलकाता खुफिया ब्यूरो के 14 अफसरों को मेरे पिता अमीय नाथ बोस की जासूसी की जिम्मेदारी दी गई थी. नेताजी के करीबी कांग्रेस नेताओं और इंडियन नेशनल आर्मी (आईएनए) के अफसरों पर भी नजर रखी गई. सरकार ने हमारे परिवार के सदस्यों की निगरानी क्यों कराई? हम केंद्र सरकार से इस मामले में जांच की मांग करते हैं.’.''