Whats new
Shopping Cart: Rs 0.00

You have no items in your shopping cart.

Subtotal: Rs 0.00

Welcome to www.allauddin.co.in

Allauddin

कमल किशोर गोयनका को व्यास सम्मान

kamal kishor

सुप्रसिद्ध आलोचक और साहित्यकार डॉक्टर कमल किशोर गोयनका को साल 2014 के लिए ‘व्यास सम्मान’ प्रदान किया गया. डॉक्टर गोयनका को यह सम्मान हिंदी के यशस्वी कथाकार प्रेमचंद की प्रकाशित और अप्रकाशित कहानियों पर लंबे शोध के बाद लिखी गई ‘प्रेमचंद की कहानियों का कालक्रमानुसार अध्ययन’ के लिए प्रदान किया गया. केके बिरला फाउंडेशन की ओर से दिए जाने वाले इस सम्मान में गोयनका को प्रतीक चिह्न के साथ ढाई लाख रुपये की राशि भेंट की गई. कार्यक्रम की अध्यक्षता साहित्य अकादमी के अध्यक्ष डॉक्टर विश्वनाथ प्रसाद तिवारी ने की. उन्होंने कहा कि गोयनका ने हिंदी के सबसे बड़े कथाकार का विराट मूल्यांकन किया है. सम्मान के लिए चुनी गई कृति की सबसे बड़ी खूबी यह है कि उन्होंने प्रमाणिक और विश्वसनीय लेखन किया है. डॉ. गोयनका ने ऐसे कथाकार के जीवन पर करीब पांच दशक तक काम किया. चयन समिति की वरिष्ठ सदस्य और कहानीकार मृदुला गर्ग ने कहा कि गोयनका का शोध ग्रंथ ऐसी पहली ऐसी कृति है जो शोध विधा को नई दिशा देती है. डॉ. गोयनका ने कहा कि उनकी कई बार कड़ी आलोचना हुई, लेकिन शोध के काम में लगा रहा. मेरे द्वारा प्रेमचंद पर लिखी गई 30 किताबें विश्वविद्यालयों के छात्रों से दूर हैं. यह दुखद है. मैंने कल्पना नहीं की थी कि इतने बड़ा सम्मान मिलेगा. उन्होंने सम्मान के लिए केके बिरला फाउंडेशन की अध्यक्ष शोभना भरतिया और चयन समिति का आभार व्यक्त किया. फाउंडेशन के निदेशक डॉक्टर सुरेश ऋतुपर्ण ने अतिथियों का स्वागत और धन्यवाद व्यक्त किया. संचालन डॉक्टर अनिमेषा अनेजा ने किया.