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1965 के भारत-पाक युद्ध की स्मृति में विरासत फ्लाइंग अभियान का आयोजन

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विरासत फ्लाइंग अभियान: भारत-पाक युद्ध 1965 के 50 साल पूरे होने के उपलक्ष में अभियान का आयोजन दक्षिण-पश्चिमी कमान ने किया. विरासत फ्लाइंग अभियान उस समय चर्चा मे आया, जब एक समारोह में सांगानेर हवाई अड्डे पर पुष्पक विमान ने जमीन को स्पर्श किया और अभियान का हिस्सा बना. समारोह में राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे भी मौजूद थीं. विमान जो अधिक से अधिक 55 साल पुराना है 1965 और 1971 के युद्ध में हवाई निरीक्षण के लिए इस्तेमाल किया गया. विमान का आधुनिक उपकरणों के साथ उड़ान के मानकों के अनुरूप नवीनीकरण और पुनर्निर्माण किया गया था. पुष्पक विमान ब्रिगेडियर एएस सिद्धू और लेफ्टिनेंट कर्नल अरविंद सैनी द्वारा उड़ाया गया.
विरासत फ्लाइंग अभियान बठिंडा से शुरू किया गया और पूरी पश्चिमी सीमा पर अमृतसर (पंजाब) से कच्छ (गुजरात) में नालिया तक विमान ने उड़ान भरी. इस दौरान पुराने विमान में 3500 से अधिक किलोमीटर की दूरी तय की.
इस विरासत उड़ान अभियान का आयोजन 1965, भारत-पाक युद्ध के शहीदों को सम्मान देने के लिए किया गया. जिन्होंने भारत-पाक युद्ध में अपने प्राणों की आहुति दी. अभियान का उद्देश्य वर्तमान पीढ़ी के बीच जागरूकता उत्पन्न करना और यह बताना भी था कि हमारे पूर्वजों ने किन परिस्थितियों और कठिनाइयों का सामना किया और विमान उड़ाया.