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सीसीईए ने सीसीटीएनएस की समय सीमा मार्च 2017 तक बढ़ाई

cctns police  

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) ने गृह मंत्रालय के उस प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की जिसमें अपराध और अपराधियों पर ट्रैकिंग नेटवर्क और सिस्टम (सीसीटीएनएस) के लिए समय सीमा मार्च 2017 तक बढ़ाई गयी.

सीसीईए ने अगले पांच वर्ष अर्थात् मार्च 2022 तक सीसीटीएनएस की कार्यप्रणाली एवं देखरेख को बढ़ाने की घोषणा की है.

योजना के उद्देश्य

पुलिस को जनता के साथ बेहतर बर्ताव करना चाहिए तथा पुलिस थानों की कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी तथा आटोमेटिक बनाया जाना चाहिए.

आईसीटी के प्रभावी उपयोग के माध्यम से नागरिक केंद्रित सेवाओं की बेहतर डिलीवरी.

सिविल पुलिस की जांच अधिकारीयों को अपराध और अपराधियों का पता लगाने हेतु उपकरण, प्रौद्योगिकी एवं अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराना.

विभिन्न क्षेत्रों जैसे कानून और व्यवस्था, यातायात प्रबंधन के क्षेत्र में पुलिस के कामकाज में सुधार करना.

पुलिस थानों, जिलों, राज्य / केन्द्र शासित प्रदेशों के मुख्यालय और अन्य पुलिस एजेंसियों के बीच संपर्क और जानकारी के साझा करने की सुविधा प्रदान करना.

पुलिस बल के बेहतर प्रबंधन में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को सहायता प्रदान करना.

विभिन्न केसों की प्रगति की जांच करना जिसमे न्यायालय भी शामिल हैं.

मैनुअल काम तथा निरर्थक रिकॉर्ड को कम से कम रखना.

सीसीटीएनएस द्वारा कोर एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर (सीएएस) में क्राइम से संबंधित सभी डाटा को एकीकृत कर के रखा जायेगा जिसमें 29 राज्य तथा 7 केंद्र शासित प्रदेश शामिल हैं. सीएएस को बेंगलुरु की आईटी कंपनी विप्रो से तैयार किया है.

अपराध और अपराधियों का ट्रैकिंग नेटवर्क और सिस्टम (CCTNS) परियोजना

सीसीटीएनएस की अवधारणा पहली बार वर्ष 2008 में मुंबई हमलों के बाद तत्कालीन गृह मंत्री पी चिदंबरम ने की थी. उनके प्रस्ताव को वर्ष 2009 में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति द्वारा अनुमोदित किया गया था तथा इसके लिए 2000 करोड़ रूपए आवंटित भी किये गए थे. परियोजना के एक पायलट चरण को तत्कालीन गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने 4 जनवरी 2013 को शुरू किया था. यह परियोजना राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) द्वारा कार्यान्वित की जाती है.

 

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