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जल्द डॉक्टर्स भी तैयार करेगा आईआईटी

IIT Khadakpur

आईआईटी से अब इंजिनियर्स ही नहीं बल्कि डॉक्टर्स भी निकलेंगे. आईआईटी खड़गपुर जल्द एमबीबीएस कोर्सेस भी शुरू करने वाला है. साल 2017 के अंत तक डॉ. बीसी रॉय इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज ऐंड रीसर्च तैयार हो जाएगा. 400 बेड से लैस यह सुपर स्पेशैलिटी हॉस्पिटल आईआईटी खड़गपुर कैंपस से लगा हुआ होगा.

आईआईटी खड़गपुर के डायरेक्टर पार्था प्रतिम चक्रबर्ती ने बताया, 'सरकार पिछले साल ही इस अस्पताल के लिए 230 करोड़ रुपए का अनुदान दे चुकी है. उम्मीद की जा रही है कि जल्द इसका निर्णाण शुरू हो जाएगा और 26 महीनों में निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा.' मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया(MCI) भी एमबीबीएस जैसे अंडर ग्रैजुएट कोर्सेस के लिए आईआईटी को मंजूरी दे चुकी है.

इंजिनियरिंग की पढ़ाई के लिए दुनिया भर में मशहूर आईआईटी खड़गपुर मेडिकल एजुकेशन देने वाला पहला आईआईटी बनेगा. स्थानीय लोगों को चिकित्सा सुविधाएं मुहैया करवाने के साथ-साथ यह संस्थान बायोमेडिकल, क्लिनिकल और ट्रांसलेशनल रीसर्च पर भी काम करेगा. इसके अलावा, यह अस्पताल दवाओं की डिजाइन और उनकी डिलिवरी पर भी रीसर्च करेगा. संस्थान के डायरेक्टर के मुताबिक, 'बड़ी संख्या में मरीजों का इलाज करने के लिए टेक्नॉलजी का सहारा लिया जाएगा, सेटलाइट सेंटर्स और अन्य अस्पतालों के माध्यम से ज्यादा से ज्यादा मरीजों का इलाज किया जाएगा.' अस्पताल रिमोट डायग्नॉस्टिक्स, टेलिमेडिसिन और टेलिरेडियॉलजी सरीखी टेक्नॉलजीज के इस्तेमाल की योजना बना रहा है. साथ ही, पैरामेडिक, नर्सिंग ट्रेनिंग फसिलिटी और बायोमेडिकल इनोवेशन इकाई लगाने का प्रस्ताव भी रखा गया है.

अधिकारियों के मुताबिक, अगले चरण में अस्पताल को 750 बेड से लैस किए जाने की योजना है. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने के लिए अस्पताल जॉन हॉप्किन्स यूनिवर्सिटी, बाल्टिमोर, अमेरिका और लंदन इंपीरियल कॉलेज आदि के साथ काम कर रहा है. आईआईटी खड़गपुर साल 2001 से ही स्कूल ऑफ मेडिकल साइंस ऐंड टेक्नॉलजी चला रहा है, जो मेडिकल साइंस ऐंड टेक्नॉलजी में 3 साल का पोस्ट ग्रैजुएट कोर्स करवाता है. इसकी फैकल्टी, कर्मचारियों और छात्रों के लिए कैंपस में 32 बेड का बीसी रॉय टेक्नॉलजी अस्पताल मौजूद है जिसमें आईसीयू और आइसोलेशन वार्ड भी है.

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